कैथल की कष्ट निवारण समिति की बैठक में कर्मचारियों को दी गई स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की सस्पेंशन डोज का असर अंबाला तक देखने को मिला। बैठक में सस्पेंड किए गए स्वास्थ्य विभाग के चारों कर्मचारी स्वास्थ्य मंत्री के निवास पर पहुंचे और माफी की गुहार लगाते हुए खुद को बेगुनाह बताया। राजनीति के बाबा कहे जाने वाले मंत्री जी के दरबार से इन्हें माफी मिलना तो दूर, उल्टे भविष्य में सही काम करने की सलाह देकर बैरंग वापिस लौटा दिया गया। जिसके बाद इनके आंसू छलक पड़े। विज ने साफ कहा लोगों को परेशान करने वाले कर्मचारियों के लिए मेरे पास माफी का कोई खाता नहीं है।
मंत्री के सामने हाथ जोड़कर खड़ी और फफक फफक रो रही ये महिला कैथल के सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्स है। जिसे ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोपों के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। इस नर्स समेत कैथल सिविल अस्पताल में तैनात एक एम्बुलेंस चालक, ईएमटी और कैल अस्पताल की एक नर्सिंग सिस्टर पर भी काम मे हीलाहवाली बरतने की शिकायत के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए इन कर्मचारियों पर कैथल के एक शिकायत कर्ता ने गंभीर आरोप जड़े हैं। शिकायत कर्ता ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सामने पेश होकर इनकी शिकायत देते हुए इन्हें अपने नवजात बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराया था। काम मे कोताही की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पारा चढ़ गया और विज ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को के इन चारों आरोपियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए थे। जैसे तैसे रात गुजारने के बाद सुबह होते ही आज ये चारों कर्मचारी अपनी बेगुनाही के सबूत लेकर मंत्री जी के दरबार मे हाजिर हो गए और खुद को बेकसूर बताते हुए परन्तु राजनीति के बाबा कहे जाने वाले हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से माफी की अपील की परन्तु मंत्री जी के दरबार से इन्हें माफी नहीं मिली। हां, सबक जरूर मिला, वो भी भविष्य में सही ड्यूटी करने का।
मंत्री से गुहार लगाकर नाउम्मीद होकर वापिस लौटे कैथल सिविल अस्पताल के बर्खास्त किए गए इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से सस्पेंड किया गया है। उनका कोई भी कसूर नहीं है। कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपने फर्ज को अंजाम दिया था। सरकार को उनका भी पक्ष सुनना चाहिए।
शिकायत कर्ता के बच्चे की मौत की खबर से खफा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को माफी देने से साफ मना कर दिया। विज ने कहा कि मेरे पास माफी का कोई खाना नहीं है। जो गलती करेगा उसे उसकी सजा भुगतनी पडेगा। इसीलिए सभी कर्मचारियों को बिलकुल अलर्ट होकर काम करना चाहिए। अब देखना ये होगा कि बदहाल और बीमार सरकारी सिस्टम को लगा स्वास्थ्य मंत्री का इंजेक्शन कितना असरदार साबित होगा।


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