अपनी मांगों को लेकर आज दूसरे दिन भी नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के सदस्यों ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी। जहाँ यूनियन के सर्कल सचिव 12 घंटे की भूख हड़ताल पर केंट रेलवे स्टेशन प्रांगण में सदस्यों सहित रहे। बाजवा ने सरकार से एनपीएस हटाकर ओल्ड ग्रांटेड पेंशन और फेमली पेंशन लागू करने की मांग की। उन्होंने रेलों की निजीकरण और निगमीकरण की नीति पर रोक लगाने सहित न्यूनतम वेतन एवं फिटनेस फार्मूले में दिए आश्वासन के अनुरूप सुधर करने की सिफारिश भी की।
मंडल सचिव अंबाला सीएस बाजवा ने रेल प्रशासन एवं केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये के खिलाफ आज दूसरे दिन क्रमिक भूख हड़ताल रखी, जिसमे एनआरएमयू के सैकड़ों सदस्यों ने भाग लिया। बाजवा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रेल विभाग एवं सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते अखिल भारतीय स्तर पर रेलवे की यूनियन के सदस्य क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एनपीएस स्कीम हटाकर ओल्ड ग्रेटेड पेंशन और फेमिली पेंशन लागू करे। बाजवा ने कहा कि एक साल में कुल 95368 की कुल भर्ती में से 4849 यानि 5 फीसदी रेल कर्मियों का पैसा हर महीने उनके एनपीएस खाते में जा रहा है। पिछले साल 183 मृत्यु एवं नौकरी छोड़ने के मामले लंबित पड़े हैं तथा 524 केस ऐसे हैं जिनका कहीं जिक्र ही नहीं है। केवल अंबाला मंडल के ही 50 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं। कुल 203 पीएओ अफसरों में से 115 ने एनपीएस एकाउंट्स ही नहीं खोला। इसलिए सरकार इसकी जगह गरेंटेड पेंशन एवं फेमिली स्कीम ही लागु करे। बाजवा ने कहा सरकार ने 2016 में हुई हड़ताल के समय इस पेंशन को लागू करने का आश्वासन दिया था मगर उस पर अमल नहीं किया गया। यदि सरकार इसे लागू नहीं करेगी तो फेडरेशन के सुझाव पर रेल का चक्का जाम करेंगे।
बाजवा ने कहा 7वे वेतन आयोग में भी हमें कम मिला कम लेकिन मुश्किलें ज्यादा खड़ी हो गई। रेल विभाग की बनाई गई कमेटी ने जितने भी आश्वासन दिए चाहे वे भत्तों को लेकर था या कालोनी के मकानों और इंफ्रास्टक्चर के रख रखाव को लेकर था चाहे मेडिकल सुविधा रही या ड्रेस कोड आज सब के ऊपर कुछ नहीं किया गया। आज हमने किसी को विज्ञापन न देकर केवल रोष प्रकट करना हैं। इससे यूनियन किसी यात्री को कोई तकलीफ न हो और यात्री चाहता है वे अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचे ये तभी होगा जब रेल कर्मियों की सुरक्षा होगी। हमने पहले भी 32 मांगों का विज्ञापन दिया हुआ है लेकिन उस और ध्यान नहीं दिया जा रहा। हमारी रेलवे बोर्ड की पीएनएम भी बात कर रही है। आज हमारी जीसीएम ठप्प पड़ी है जिसके आधार पर जाकर कुछ सेटल होता है वो धीमी गति से चल रही है।


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