बीती 18 अप्रैल को अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र के गांव खेरा, बकनौर, घाघरू, इस्माईलपुर और मलौर के 85 एकड़ खेतो में खड़ी फसल में आग लग गयी थी। इस आग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसान ही किसानो के मदद के लिए आगे आये हैं। अंबाला में कई किसानो ने मिलकर साढ़े 5 लाख रुपय इकट्ठा किया और पर एक पर 6 हजार रुपय नुकसान झेलने वाले किसानो को वितरित किये।
किसानो की देश में हालत क्या है ये किसी से छिपी नही है किसान कभी मौसम की मार फसल पर झेलता है तो कभी फसल पर लगने वाली बिमारियों से झुझता है। लेकिन गर्मी के दिनों में पकती गेंहू की फसल में अक्सर आग लग जाने से किसान पूरी तरह जाता है। पिछले दिनों प्रदेशभर से ऐसी तस्वीरे आई जहाँ किसानो कि फसल में आग लगी और उनकी फसल जलकर रख हो गयी। अंबाला में भी ऐसा ही हुआ था जहाँ 85 एकड़ में खड़ी गेंहू की फसल में आग लग गयी और किसानो को भारी झटका लगा। अंबाला में किसानो की मदद के लिए किसान ही आगे आये और उन्होंने साढ़े 5 लाख इकट्ठा कर पर एक पर 6 हजार रुपय नुकसान झेलने वाले किसानो को वितरित किये। जिस किसान का ट्रैक्टर इसमें जल गया था उसे 20 हजार रूपए की आर्थिक मदद की गयी। मदद करने वाले किसान का कहना है कि उन्हें अपने लोगो का दुःख देखा नही गया जिसके बाद उन्होंने किसानो से पैसा इकट्ठा किया और किसानो को वितरित किया।
किसानो की मदद के लिए आगे आये किसानो का यह मलहम किसानो के पूरे नुकसान की भरपाई तो नही कर सकता , लेकिन जिस तरह से किसान किसान की मदद के लिए आगे आये हैं उससे भाईचारा मजबूत होगा और किसानो की हिम्मत भी बढ़ेगी। किसानो ने बताया कि पर एकड़ पर उन्हें 40 हजार का नुकसान हुआ है ऐसे में सरकार को बिमा पॉलिसी में बदलाव कर उनकी मदद करनी चाहिए। दूसरी तरफ किसान इस बात से काफी खुश हैं कि इतना नुकसान होने के बाद भी किसानो का हौंसला नही टुटा उन्होंने हिम्मत दिखाई और खुदख़ुशी जैसा कदम नही उठाया।

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