नगर पालिका कर्मचारी संघ अपनी मांगो को लेकर सड़को पर उतर गया है। हड़ताली कर्मचारियों ने हाथों में काले झंडे लेकर बाजारों में प्रदर्शन किया । दूसरी तरफ शहर में फैली गंदगी से नगरवासियों में हाहाकार मची है । गौरतलब है कि पिछले 8 दिनों से सफाई कर्मचारी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, सामान काम सामान वेतन देने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने बारे नगर निगम सफाई कर्मियों और पिछले 120 दिनों का वेतन देने की मांग कर रहे हैं ।
सर्व कर्मचारी संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठन नगर निगम कर्मचारियों के हक में उतर आए हैं । इन कर्मचारियों ने काले झंडे लेकर सरकार के खिलाफ जमकर बाजारों में प्रदर्शन किया और अपनी मांगे मानने पर सरकार से मांग भी की । उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी यह आंदोलन और उग्र हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी । संघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप मचल ने मीडिया से बातचीत करते कहा कि सरकार सफाई कर्मियों की जायज मांगों को जानबूझकर लटका रही है ।जिससे सफाई कर्मचारी आहत है । सफाई कर्मचारी आंदोलन की वजह से नगर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं और बीमारी फैलने का खतरा हो गया है ।हालांकि हम नहीं चाहते कि हड़ताल की जाए लेकिन सरकार की धींगामुश्ती के चलते हमें हड़ताल करने पर मजबूर होना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, सामान काम सामान वेतन वेतन देने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने बारे नगर निगम सफाई कर्मियों और कांट्रेक्ट बहाल करने, पिछले 120 दिनों का वेतन देने की फायर ब्रिग्रेड कर्मी की मांगे मानी जानी चाहिए । उनका कहना है यदि सरकार ने उनकी जायज मांगे नहीं मानी तो उनका आंदोलन उग्र होगा जिसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
भारतीय वाल्मीकि समाज की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी भी आज खुल कर नगर पालिका कर्मचारी संघ के साथ आ गई उन्हें समर्थन देने की घोषणा की लक्ष्मी देवी का कहना है कि यदि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगें नहीं मानती तो वह भी इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे और आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगी उनका कहना है कि सरकार को सफाई कर्मचारियों की मांगें जल्दी मान लेनी चाहिए जिससे नगर में गंदगी और बीमारी ना फैले। कर्मचारी संघ के प्रदर्शन के समय भारी पुलिस बल मौके पर तैनात था और कर्मचारी नेताओं को समझाने में जुटा हुआ था।

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