अंबाला शहर सिविल हस्पताल में कल दोपहर से बिजली गुल है लेकिन CMO और पीएमओ को इससे कुछ लेना देना नही है। दोनो की एक दुसरे बनती नही जिसका खामियाजा मरीज व तीमारदार भुगत रहे हैं। लोग हाथ वाले पंखे से काम चला रहे हैं लेकिन बिजली कैसे ठीक होगी इसका जवाब किसी के पास नही है। पीएमओ ने तो मिडिया से बात करने से ही इंकार कर दिया। हस्पताल में लाईट न होने का पता जैसे ही अंबाला शहर के विधायक असीम गोयल को चला तो वे सीधे हस्पताल पहुंचे और अधिकारीयों को जमकर फटकारा। इतना ही नही CMO दफ्तर पहुंच उनके दफ्तर के AC व पंखे बंद करवा दिए।
फटकार लगाते विधायक असीम गोयल :
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का खौफ उनके अधिकारीयों में बिलकुल नही है इसका जीता जगता सबूत उनके गृह जिले अंबाला शहर में दिखाई देता है जहाँ कल दोपहर से सिविल हस्पताल में लाईट नही है। जिसके चलते मरीज व तीमारदार परेशान है। मरीज व तीमारदार तो हाथ के पंखे से कम चला रहे हैं और अधिकारी ट्रांसफार्मर खराब होने की बात कह रहे हैं। लेकिन विज साहिब के अधिकारीयों को गर्मी थोड़ी ज्यादा लगती है जिसके चलते वे तो ऐसी और पंखो के निचे आराम से बैठे हैं। उन्हें इस बात की कोई चिंता नही है कि छोटे छोटे बच्चे इस गर्मी में कैसे बिलख रहे हैं परिवार हाथो से पंखे की हवा दे रहे हैं। अंबाला शहर सिविल हस्पताल में कल से बिजली न होने का पता जैसे ही विधायक असीम गोयल को चला वे सीधे हस्पताल पहुंचे और अधिकारियो की जमकर क्लास लगाई। विधायक ने अधिकारियो से पूछा कि क्या वे अंबाला शहर सिविल हस्पताल को दूसरा गोरखपुर बनाना चाहते हैं क्या ? विधायक ने अधिकारियो से पूछा कि जनरेटर का इंतजाम भी आप लोग क्यूँ नही कर पाए जिस पर भी बहाने सामने आये। इसके बाद विधायक सीधा CMO दफ्तर पहुंचे और सिविल सर्जन को जमकर फटकारा। विधायक ने यहाँ तक कह दिया कि आपको कुर्सी पर बैठने का कोई हक नही है आप में बिलकुल भी इंसानियत नही है। विधायक ने इस दौरान सिविल सर्जन के दफ्तर का एसी व पंखे बंद करवा दिए और कहा कि जब तक हस्पताल की बिजिली ठीक नही होती तब तक आप भी ऐसे ही दफ्तर में बैठो।
विधायक असीम गोयल ने अधिकारीयों से पूछा कि क्या उन्हें स्वास्थ्य मंत्री और सरकार का बिलकुल भी खौफ नही है क्या ? ट्रांसफार्मर में दिक्कत पहले से ही बताया जा रहा है जिसे हस्पताल की पीएमओ लम्बे समय से लटका रही है। दरअसल हस्पताल की पीएमओ पूनम जैन की किसी भी CMO से बनती नही 3 दिन पहले कुर्सी पर आये सिविल सर्जन डाक्टर अशोक शर्मा के साथ भी उनका रवैया ऐसा ही है। पीएमओ कोई भी काम हस्पताल में करवाना हो उसके लिए खुद की पावर का इस्तेमाल न कर आगे सिविल सर्जन कार्यालय में लेटर भेज देती है जिसके कारण काम लटक जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही दिख रहा है। सिविल सर्जन ने बताया कि यह काम पीएमओ का है लेकिन वे इस पर ध्यान नही देती इसे सिविल सर्जन कार्यालय पर लटका देती हैं।
अधिकारियों की लड़ाई का खामियाजा तीमारदारो व मरीज भुगत रहे हैं। लोगो ने बताया कल जैसे ही बारिश शरू हुई उसके बाद से बिजली गुल है। यहाँ कोई भी डाक्टर या अधिकारी पूछने नही आया बच्चे रात से गर्मी में बिलख रहे हैं वे लोग बच्चो को बहार घुमा रहे हैं यह हाथो से पंखे की हवा दे रहे हैं।


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