Saturday, 12 May 2018

कैथल में कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान सस्पेंड किये स्वास्थ्य कर्मी मिलने पहुंचे अनिल विज से , विज ने साफ कहा लोगों को परेशान करने वाले कर्मचारियों के लिए मेरे पास माफी का कोई खाता नहीं है।

     कैथल की कष्ट निवारण समिति की बैठक में कर्मचारियों को दी गई स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की सस्पेंशन डोज का असर अंबाला तक देखने को मिला। बैठक में सस्पेंड किए गए स्वास्थ्य विभाग के चारों कर्मचारी स्वास्थ्य मंत्री के निवास पर पहुंचे और माफी की गुहार लगाते हुए खुद को बेगुनाह बताया। राजनीति के बाबा कहे जाने वाले मंत्री जी के दरबार से इन्हें माफी मिलना तो दूर, उल्टे भविष्य में सही काम करने की सलाह देकर बैरंग वापिस लौटा दिया गया। जिसके बाद इनके आंसू छलक पड़े। विज ने साफ कहा लोगों को परेशान करने वाले कर्मचारियों के लिए मेरे पास माफी का कोई खाता नहीं है।


     मंत्री के सामने हाथ जोड़कर खड़ी और फफक फफक रो रही ये महिला कैथल के सिविल अस्पताल की  स्टाफ नर्स है। जिसे ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोपों के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। इस नर्स समेत कैथल सिविल अस्पताल में तैनात एक एम्बुलेंस चालक, ईएमटी और कैल अस्पताल की एक नर्सिंग सिस्टर पर भी काम मे हीलाहवाली बरतने की शिकायत के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए इन कर्मचारियों पर कैथल के एक शिकायत कर्ता ने गंभीर आरोप जड़े हैं। शिकायत कर्ता ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के सामने पेश होकर इनकी शिकायत देते हुए इन्हें अपने नवजात बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराया था। काम मे कोताही की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पारा चढ़ गया और विज ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को के इन चारों आरोपियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए थे। जैसे तैसे रात गुजारने के बाद सुबह होते ही आज ये चारों कर्मचारी अपनी बेगुनाही के सबूत लेकर मंत्री जी के दरबार मे हाजिर हो गए और खुद को बेकसूर बताते हुए  परन्तु राजनीति के बाबा कहे जाने वाले हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से माफी की अपील की परन्तु मंत्री जी के दरबार से इन्हें माफी नहीं मिली। हां, सबक जरूर मिला, वो भी भविष्य में सही ड्यूटी करने का।

    मंत्री से गुहार लगाकर नाउम्मीद होकर वापिस लौटे कैथल सिविल अस्पताल के बर्खास्त किए गए इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से सस्पेंड किया गया है। उनका कोई भी कसूर नहीं है। कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी और मेहनत से अपने फर्ज को अंजाम दिया था। सरकार को उनका भी पक्ष सुनना चाहिए।

    शिकायत कर्ता के बच्चे की मौत की खबर से खफा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को माफी देने से साफ मना कर दिया। विज ने कहा कि मेरे पास माफी का कोई खाना नहीं है। जो गलती करेगा उसे उसकी सजा भुगतनी पडेगा। इसीलिए सभी कर्मचारियों को बिलकुल अलर्ट होकर काम करना चाहिए। अब देखना ये होगा कि बदहाल और बीमार सरकारी सिस्टम को लगा स्वास्थ्य मंत्री का इंजेक्शन कितना असरदार साबित होगा।

Friday, 11 May 2018

चंडीगढ़ एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर अंबाला रेल मंडल 12 मई से 31 मई तक जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में लगाएगा एक्स्ट्रा कोच , स्टेशन डायरेक्टर बलजोत सिंह गिल ने दी जानकारी । 

       अंबाला रेल मंडल कल से चंडीगढ़ दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस में एक एक्स्ट्रा कोर्ट लगाने जा रही है  क्योंकि,  कल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट 31 मई तक बंद रहने वाला है ।  रनवे की एक्सटेंशन को लेकर 12 मई से 31 मई तक चंडीगढ़ से उड़ने वाली सभी उड़ानें रद्द रहेंगी और हवाई उड़ान भरने वाले यात्रियों को दिल्ली का रुख करना पड़ेगा ।  यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी में एक एक्स्ट्रा कोच लगाई है ताकि चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को असुविधा ना हो । 

        चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर हवाई पट्टी के विस्तारीकरण को लेकर चंडीगढ़ हवाई अड्डा 12 मई से 31 मई तक बंद रहने वाला है । इस दौरान चंडीगढ़ से देश व विदेश मैं जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा । रोजमर्रा की जिंदगी में चंडीगढ़ से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की माने तो उन्हें जहां ज्यादा समय और ज्यादा पैसे खर्च करके अब दिल्ली से उड़ान भरनी पड़ेगी वही कुछ यात्रियों को अपने कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा है जिससे वह काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं ।

            चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर रद्द होने वाली उड़ानों के कारण दिल्ली जाने वाली शताब्दी ट्रेन में अंबाला रेल मंडल ने एक्स्ट्रा कोच लगाया है । चंडीगढ़ से सफर करने वाले यात्रियों को असुविधा न हो इसके लिए 12 मई से 31 मई तक चंडीगढ़ दिल्ली शताब्दी में एक्स्ट्रा कोच लगा कर चलाया जाएगा ताकि प्रति दिन 72 अधिक यात्रियों को चंडीगढ़ से दिल्ली और दिल्ली से चंडीगढ़ लाया जा सके ।  

Thursday, 10 May 2018

अंबाला नगर निगम और फायर ब्रिग्रेड कर्मी 72 घंटे की क्रमिक हड़ताल पर , सरकार के विरोध में जारी है नारेबाजी ।

   कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, सामान काम सामान वेतन वेतन देने और ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने बारे नगर निगम सफाई कर्मियों और कांट्रेक्ट बहाल करने, पिछले 120 दिनों का वेतन देने की मांग को लेकर फायर ब्रिग्रेड कर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। उनका कहना है यदि सरकार ने उनकी जायज मांगे नहीं मानी तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। 

     नगर निगम दफ्तर के बाहर सरकार विरोधी नारे लगा रहे यह कर्मी नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा से सम्बंधित हैं जिनमे नगर निगम और फायर ब्रिग्रेड के हैं जो 72 घंटे की क्रमिक हड़ताल पर हैं।  संघ के सचिव का कहना है कि हरियाणा सरकार कर्मचारियों के साथ बहुत बड़ा धोखा कर रही है।  भाजपा सरकार के मंत्रियों ने सत्ता में आने से पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में वायदा किया था कच्चे कर्मियों को पहली कलम से पक्का किया जायेगा। लेकिन सरकार को सत्ता में आये हुए 43 महीने हो गए हैं और इन्होने अपने वायदे पुरे नहीं किये हैं। उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मियों को पक्का करना, सामान सामान वेतन देना तो दूर ठेकेदारी प्रथा में इजाफा करते एक की जगह चार ठेकेदार रख लिए। इतना ही नहीं सरकार अपने वायदे से मुकर रही है लेकिन जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती संघ अब पीछे हटने वाला नहीं। 

    राजिंदर ने कहा कि इसके साथ फायर ब्रिग्रेड कर्मचारी भी नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के अंतरगत आते हैं और सरकार कच्चे कर्मचारियों को निकाल कर नई भर्ती किये जाने पर अग्निशन कर्मियों में रोष है। सचिव का कहना है कि अग्निशमन कर्मियों का कांट्रेक्ट 8 मई को समाप्त हो चुका है जिसे अभी रिन्यू नहीं किया गया। वहीँ 2016 का 120 दिनों का वेतन भी इन्हे नहीं दिया गया। जिला में केवल 16 अग्निशमन कर्मियों के सर पर आग की जिम्मेवारी है।  यदि पुराने कर्मियों का कांट्रेक्ट रिन्यू न किया गया तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जायेगे और जिम्मेवारी सरकार की होगी। 

नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन की क्रमिक भूख हड़ताल जारी , मांगो को पूरा करवाने के लिए कर रहे हैं हड़ताल ।

     अपनी मांगों को लेकर आज दूसरे दिन भी नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के सदस्यों ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी।  जहाँ यूनियन के सर्कल सचिव 12 घंटे की भूख हड़ताल पर केंट रेलवे स्टेशन प्रांगण में सदस्यों सहित रहे। बाजवा ने सरकार से एनपीएस हटाकर ओल्ड ग्रांटेड पेंशन और फेमली पेंशन लागू करने की मांग की। उन्होंने रेलों की निजीकरण और निगमीकरण की नीति पर रोक लगाने सहित न्यूनतम वेतन एवं फिटनेस फार्मूले में दिए आश्वासन के अनुरूप सुधर करने की सिफारिश भी की। 

    मंडल सचिव अंबाला सीएस बाजवा ने रेल प्रशासन एवं केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये के खिलाफ आज दूसरे दिन क्रमिक भूख हड़ताल रखी, जिसमे एनआरएमयू के सैकड़ों सदस्यों ने भाग लिया।  बाजवा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रेल विभाग एवं सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते अखिल भारतीय स्तर पर रेलवे की यूनियन के सदस्य क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं।  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एनपीएस स्कीम हटाकर ओल्ड ग्रेटेड पेंशन और फेमिली पेंशन लागू करे। बाजवा ने कहा कि एक साल में कुल 95368 की कुल भर्ती में से 4849 यानि 5 फीसदी रेल कर्मियों का पैसा हर महीने उनके एनपीएस खाते में जा रहा है। पिछले साल 183 मृत्यु एवं नौकरी छोड़ने के मामले लंबित पड़े हैं तथा 524 केस ऐसे हैं जिनका कहीं जिक्र ही नहीं है। केवल अंबाला मंडल के ही 50 से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं।  कुल 203 पीएओ अफसरों में से 115 ने एनपीएस एकाउंट्स ही नहीं खोला।  इसलिए सरकार इसकी जगह गरेंटेड पेंशन एवं फेमिली स्कीम ही लागु करे।  बाजवा ने कहा सरकार ने 2016 में हुई हड़ताल के समय इस पेंशन को लागू करने का आश्वासन दिया था मगर उस पर अमल नहीं किया गया। यदि सरकार इसे लागू नहीं करेगी तो फेडरेशन के सुझाव पर रेल का चक्का जाम करेंगे। 

    बाजवा ने कहा 7वे वेतन आयोग में भी हमें कम मिला कम लेकिन मुश्किलें ज्यादा खड़ी हो गई। रेल विभाग की बनाई गई कमेटी ने जितने भी आश्वासन दिए चाहे वे भत्तों को लेकर था या कालोनी के मकानों और इंफ्रास्टक्चर के रख रखाव को लेकर था चाहे मेडिकल सुविधा रही या ड्रेस कोड आज सब के ऊपर कुछ नहीं किया गया।  आज हमने किसी को विज्ञापन न देकर केवल रोष प्रकट करना हैं।  इससे यूनियन किसी यात्री को कोई तकलीफ न हो और यात्री चाहता है वे अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचे ये तभी होगा जब रेल कर्मियों की सुरक्षा होगी। हमने पहले भी 32 मांगों का विज्ञापन दिया हुआ है लेकिन उस और ध्यान नहीं दिया जा रहा। हमारी रेलवे बोर्ड की पीएनएम भी बात कर रही है। आज हमारी जीसीएम ठप्प पड़ी है जिसके आधार पर जाकर कुछ सेटल होता है वो धीमी गति से चल रही है।

सामूहिक ओंकार महायज्ञ में हिस्सा लिया पूर्व केन्द्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने ।

अंबाला में जय ओंकार सेवा समिति अंबाला शहर द्वारा जय ओंकार अंतराष्ट्रीय सेवा श्रम संघ संस्थापक श्री श्री 1008 सदगुरुदेव स्वामी श्री शक्ति देव जी महाराज कुरडी वाले एवं श्री श्री 1008 सदगुरुदेव स्वामी श्री संतोष ओंकार जी महाराज कुड़ी वाले और श्री श्री 1008 सदगुरुदेव स्वामी श्री संदीप ओंकार जी महाराज कुरड़ी वालों के सानिध्य में सामूहिक ओंकार महायज्ञ का आयोजन किया गया । ओंकार महायज्ञ में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की । इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा को सम्मानित भी किया गया । 

Wednesday, 9 May 2018

अंबाला किसानो ने किसानो की आर्थिक मदद कर पेश की मिसाल , पिछले दिनों आग से जली फसल पर पैसे इकट्ठा कर की एक दसूरे की मदद

     बीती 18 अप्रैल को अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र  के गांव खेरा, बकनौर, घाघरू, इस्माईलपुर और मलौर के 85 एकड़ खेतो में खड़ी फसल में आग लग गयी थी। इस आग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसान ही किसानो के मदद के लिए आगे आये हैं। अंबाला में कई किसानो ने मिलकर साढ़े 5 लाख रुपय इकट्ठा किया और पर एक पर 6 हजार रुपय नुकसान झेलने वाले किसानो को वितरित किये। 


     किसानो की देश में हालत क्या है ये किसी से छिपी नही है किसान कभी मौसम की मार फसल पर झेलता है तो कभी फसल पर लगने वाली बिमारियों से झुझता है। लेकिन गर्मी के दिनों में पकती गेंहू की फसल में अक्सर आग लग जाने से किसान पूरी तरह जाता है। पिछले दिनों प्रदेशभर से ऐसी तस्वीरे आई जहाँ किसानो कि फसल में आग लगी और उनकी फसल जलकर रख हो गयी। अंबाला में भी ऐसा ही हुआ था जहाँ 85 एकड़ में खड़ी गेंहू की फसल में आग लग गयी और किसानो को भारी झटका लगा। अंबाला में किसानो की मदद के लिए किसान ही आगे आये और उन्होंने साढ़े 5 लाख इकट्ठा कर पर एक पर 6 हजार रुपय नुकसान झेलने वाले किसानो को वितरित किये। जिस किसान का ट्रैक्टर इसमें जल गया था उसे 20 हजार रूपए की आर्थिक मदद की गयी। मदद करने वाले किसान का कहना है कि उन्हें अपने लोगो का दुःख देखा नही गया जिसके बाद उन्होंने किसानो से पैसा इकट्ठा किया और किसानो को वितरित किया। 


     किसानो की मदद के लिए आगे आये किसानो का यह मलहम किसानो के पूरे नुकसान की भरपाई तो नही कर सकता , लेकिन जिस तरह से किसान किसान की मदद के लिए आगे आये हैं उससे भाईचारा मजबूत होगा और किसानो की हिम्मत भी बढ़ेगी। किसानो ने बताया कि पर एकड़ पर उन्हें 40 हजार का नुकसान हुआ है ऐसे में सरकार को बिमा पॉलिसी में बदलाव कर उनकी मदद करनी चाहिए। दूसरी तरफ किसान इस बात से काफी खुश हैं कि इतना नुकसान होने के बाद भी किसानो का हौंसला नही टुटा उन्होंने हिम्मत दिखाई और खुदख़ुशी जैसा कदम नही उठाया। 

Tuesday, 8 May 2018

सरकार की नीतियों से खफा रेलवे कर्मचारी बैठे क्रमिक भूख हड़ताल पर ।

    सरकार भले ही बुलेट ट्रेन दौड़ाने और वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशनो का जाल बिछाने की बात करे परन्तु कर्मचारियों की नाराजगी के सामने ये महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स खटाई में पड़ सकते हैं। जी हां रेल कर्मचारियों के हितों की आवाज उठाने वाली NRMU यूनियन भूख हड़ताल पर बैठ गयी है। यूनियन ने सरकार से कर्मचारी विरोधी फैसले वापिस लेने का आह्वान करते हुए आंदोलन का ऐलान कर दिया है। 


      जब कर्मचारी ही नाराज हो जाएं तो किसी भी विभाग के लिए खतरे की घन्टी है। जी हां देश की जीवनरेखा कही जाने वाली रेलवे के कर्मचारी अपने ही विभाग और सरकार से खफा होकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। NRMU यानी NORTHERN RAILWAY MEN'S UNION के बैनर तले ये कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं और सरकार को जगाने का प्रयास कर रहे हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार रेलवे को लेकर दमनकारी रुख अपना रही है। रेलवे का निजीकरण किया जा रहा है।  कर्मचारी चाहते हैं कि रेल का निजीकरण या निगमीकरण करने की नीति पर तुरन्त रोक लगाई जाए। न्यूनतम वेतन एवं फिटमेंट फार्मूले में दिए गए आश्वासन के अनुरूप तत्काल सुधार हो। और NPS हटाकर गरेंटिड और फैमिली पेंशन पहले की तरह बहाल की जाए। 

        हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने ऐलान किया कि यदि सरकार ने कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की तो उसे कर्मचारियों की नाराजगी मोल लेनी पड़ सकती है। रेलवे देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है और NRMU रेल कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लम्बे समय से लड़ती आयी है और आगे भी लड़ती रहेगी। सरकार जान ले कि ये बेरुखी न तो रेलवे के हित में है और न ही कर्मचारी के हित में। यूनियन लीडरों ने बताया कि ये क्रमिक भूख हड़ताल कल यानि वीरवार को भी जारी रहेगी। मांगे पूरी न होने तक ये लड़ाई जारी रहेगी। चाहे वो भूखहड़ताल हो चाहे रेल रोको अभियान ही क्यों न हो।

अनिल विज के कार्यकर्ता सम्मेलन से दिखा विज का शक्ति प्रदर्शन , विपक्ष पर जमकर बरसे विज ।

                     अंबाला छावनी में कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भारतीय जनता पार्टी के छावनी विधानसभा के कार्यकर्ताओ की मीटिंग ली। कार्य...